कोरोना संकट के दौरान बच्चों के संतुलित आहार का रखें ध्यान: डॉ देवेंद्र
• संतुलित आहार बच्चों के शारीरिक मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण
• बड़े बच्चों को प्रत्येक दो घंटे पर पानी पीने की दिलायें आदत
लखीसराय, 20 जुलाई: कोविड 19 संकटकाल के दौरान जनजीवन प्रभावित हुआ है. कोरोनावायरस संक्रमण के कारण लोग घरों में सिमटे हैं. लॉकडाउन के कारण बच्चे भी अपने घरों में ही बंद हैं. ऐसे में उनका भी स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है. इस हालात में स्वयं के सेहत के साथ बच्चों के सेहत का पूरा ध्यान रखना जरूरी है. बच्चे किसी भी उम्र के हों, उनके आहार का मुख्य रूप से ध्यान रखना जरूरी है. वैसे पौष्टिक आहार जिनसे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती हैं उन्हें नियमित तौर पर दिये जाने चाहिए. संतुलित आहार से बच्चों विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं और ये उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवयश्क है.
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया बच्चों के आहार के सतर्कता जरूरी है. बालवस्था में प्रतिरोधक क्षमता का विकास तेजी से होता है. इसलिए जरूरी है कि उनके भोजन में दूध, अनाज के साथ भरपूर मात्रा में पानी व समय समय पर विभिन्न मौसमी फलों को जरूर शामिल करें.
शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन व कैल्श्यिम जरूरी:
डॉ. चौधरी ने बताया बच्चे के शारीरिक विकास के लिए कैलोरी बहुत जरूरी है. अधिक कैलोरी के लिए दूध और साबुत अनाज अधिक देने पर ध्यान दें. बच्चों को कॉर्नफ्लैक्स व ओट्स दे सकते हैं. वहीं प्रोटीन की कमी से शारीरिक व मानसिक विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है और मस्तिष्क संबंधी भी कई तरह के विकार पैदा हो जाते हैं. इसके अलावा मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए भी प्रोटीन व कैलिश्यम बहुत जरूरी है. प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने के लिए बच्चों को पूरी मात्रा में विटामिन और मिनरल दें. भोजन में दूध, ताज़ा दही, दाल, चावल, मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ और अंडे आदि शामिल करें साथ ही उन्हें प्रत्येक दो घंटे पर पानी पीने के लिए कहें.
बच्चों के खानपान से जुड़ी इन बातों का जरूरी रखें ध्यान:
• जन्म के शुरुआती 1 घण्टे में नवजात को कराएं स्तनपान
• 6 माह तक सिर्फ शिशु को कराएं स्तनपान (ऊपर से कुछ भी न दें। पानी भी नहीं).
• स्तनपान को कम से कम 2 साल तक जारी रखें.
• 6 माह पूर्ण होने के बाद बच्चे को स्तनपान के साथ संपूरक आहार देना शुरू करें.
• प्रतिदिन बच्चे को घर का बना आहार खिलाएं. इस बात का ध्यान रखें कि इनमें पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में शामिल हों.
• बच्चे को प्यार से समझाएं. उसे खेल-खेल में खाना खिलाएं.
• कलरफुल चीजें बच्चे को बहुत पसंद होती हैं। यह बात आपके लिए फायदेमंद हो सकती है. उन्हें सलाद, फल और सब्जियां काट कर दें.
॰ खाना खाने से पहले बच्चों को हाथ धोने की आदत डालें.
• बच्चो को खेलने दें, वह जितना ज्यादा थकेंगे उन्हें उतनी ही भूख लगनी शुरू हो जाएगी. वह खुद खाना मागेगा.
• बच्चे को पौष्टिक खाना खाने की आदत डालें और बाहरी खाना से बचाएं
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