आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत के बाद परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू
• परिवार नियोजन के संसाधन फिर से लोगों को मुहैया कराए जा रहे हैं
• कोरोना वायरस संक्रमण काल में रोक दी गई थी परिवार नियोजन सेवाएं
बांका, 1 जुलाई:
कोरोना काल में प्रभावित हुईं स्वास्थ्य सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर आ रही हैं। आवश्यक सेवाओं के बाद अब परिवार नियोजन सेवाओं को भी बहाल कर दिया गया है। कटोरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कोरोना महामारी की रोकथाम में पूरा महकमा लगा हुआ है। साथ ही अब कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शुरू परिवार नियोजन सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले जो परिवार नियोजन के संसाधन मुहैया कराए जा रहे थे, वह फिर से शुरू कर दिए गए हैं। रेफरल अस्पताल के साथ-साथ समस्त सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम की पर्याप्त उपलब्धता है। गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा की भी शुरुआत कर दी गई। इसके अलावा प्रसव पश्चात कॉपर टी (पीपीआईयूसीडी), कॉपर टी (आईयूसीडी) की भी सुविधा सभी प्रसव इकाइयों में शुरू है। उन्होंने बताया परिवार नियोजन सेवाओं का संचालन पहले की ही तरह किया जा रहा है। ऐसी आशा, एएनएम अन्य स्वास्थ्य कर्मियों, जिनकी कोविड-19 के हॉट स्पॉट कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी लगाई गई है या जो स्वास्थ्यकर्मी ऐसे क्षेत्र में पहले से ही रहते हैं या जिनमें कोविड-19 के लक्षण परिलक्षित होते हैं, उनकी सेवा इन कार्यों में नहीं ली जा रही है।
आशा घर-घर बांट रहीं परिवार नियोजन का संसाधन:
आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवार नियोजन के साधन पहुंचा रही हैं। आशा कार्यकर्ता महिला-पुरुषों को फैमिली प्लानिंग सम्बन्धी जानकारी देने के साथ घर-घर परिवार नियोजन के संसाधनों का वितरण कर रही हैं। साथ ही वह कोरोना वायरस से बचाव के तरीके भी लोगों को बता रही हैं। जनसंख्या ज्यादा नहीं बढ़े, इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य महकमा पूरी संजीदगी के साथ परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने में जुट गया है। आशा कार्यकर्ता के साथ एएनएम घर-घर जाकर लोगों को कोरोना वायरस से लड़ने के साथ परिवार नियोजन के फायदे बता रही हैं। आशाएं जहां बच्चों में अंतर रखने और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए महिलाओं को छाया टेबलेट ले रही हैं, वहीं पुरुषों को कंडोम वितरित किए जा रहे हैं। बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अभी घर आए हैं। परिवार नियोजन के लिहाज से यह समय अत्यधिक जरूरी है। विभाग इस अवधि में प्रवासी लोगों को परिवार नियोजन पर जानकारी देने एवं साधनों के इस्तेमाल की जानकारी दे रहा है। छाया टेबलेट, कंडोम व पंपलेट घरों में बांटी जा रही हैं।
सीमित परिवार की तरफ बना रहे रुझान:
डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि वर्तमान में कोरोना संकट से लोग जूझ रहे है. ऐसे में जनसंख्या विस्फोट भी एक ऐसा संकट है जिसके लिए लोगों को जागरूक रहना चाहिए। इस समय लोग परिवार नियोजन सेवाओं से अपना मुंह न मोड़े, और इन्हें अपनाते रहे। कोरोना समस्या के साथ ही पहले से ही चली आ रही जनसंख्या वृद्धि की समस्या को भी समझे, और सीमित परिवार की ओर लोग अग्रसर हों।
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